तू दम्भ मेरा, सम्मान मेरा
तू शक्ति तो मै शिव हुआ
बिन तेरे मै शव रह ही जाता ।
हे प्राणप्रिये जीवन साथी
तू कल्याणी ,आधार मेरा
तू श्री है तो मै श्रीपति हुआ
बिन तेरे मै श्रीहीन ही रह जाता।
हे प्राणप्रिये जीवन साथी
तू स्वर है, तू संगीत मेरा। तू ज्ञान है मै ज्ञानी हुआ
बिन तेरे मै अज्ञात ही रह जाता ।
हे प्राणप्रिये जीवन साथी
तू उत्सव है ,उल्लास मेरा
तू सावन तो मै बसंत हुआ
बिन तेरे मै पतझड ही रह जाता ।
हे प्राणप्रिये जीवन साथी
है आज मेरा मन गर्वित तुमसे
तू सम्मान है ,अभिमान मेरा
कहता हूँ आज तुझसे प्रिये
मेरी पत्नी मेरा गर्व हो तुम ।।
रा-वन -
फिल्म में शाहरुख दक्षिण भारतीय बने हैं, लेकिन जब उनकी मौत होती है तो उन्हें
क्रिश्चियन परंपरा के अनुसार दफनाया जाता है, लेकिन बाद में हम देखते हैं
कि उनकी अस्थियां पानी में बहाई जा रही हैं।
हां भई सभी को खुश रखना पड़ता है न!
अमर अकबर एंथोनी -
तीन लोग एक साथ एक ही महिला के लिए रक्तदान कर रहे हैं। अरे भई साइंस इमोशन से बढ़कर थोड़े ही है!
लगान -
यह फिल्म 18वीं सदी की कहानी है और उस वक्त एक ओवर
में 8 बॉल हुआ करती थीं। लेकिन फिल्म में एक ओवर में 6 गेंदें
दिखाई गई हैं। शायद 8 गेंद में फिल्म और
भी लंबी हो जाती। है न!
बागबान -
अमिताभ बच्चन और हेमा मालिनी होली के तुरंत
बाद 6 महीनों के लिए अलग हो जाते हैं यानी मार्च से लेकर
सितंबर तक के लिए। लेकिन इन्हीं 6 महीनों में वे वेलेंटाइन-डे
मना लेते हैं, जो कि फरवरी में आता है और करवाचौथ मनाते
हैं, जो अक्सर अक्टूबर में पड़ती है।
क्या करें टाइम कम था इमोशन ज्यादा!
कृष -
फिल्म में ऋतिक दो साल के लिए विदेश जाते हैं, लेकिन
इसी दौरान प्रीति प्रेग्नेंट हो जाती हैं।
इस पर भईया नो कमेंट!
प्यार तो होना ही था -
काजोल पब्लिक टॉयलेट यूज करने के लिए ट्रेन से एक स्टेशन
पर उतरती हैं और उनकी ट्रेन छूट जाती है। बेचारी को शायद
पता नहीं होगा कि ट्रेन के हर कंपार्टमेंट में चार टॉयलेट
होते हैं!
फिल्म में शाहरुख दक्षिण भारतीय बने हैं, लेकिन जब उनकी मौत होती है तो उन्हें
क्रिश्चियन परंपरा के अनुसार दफनाया जाता है, लेकिन बाद में हम देखते हैं
कि उनकी अस्थियां पानी में बहाई जा रही हैं।
हां भई सभी को खुश रखना पड़ता है न!
अमर अकबर एंथोनी -
तीन लोग एक साथ एक ही महिला के लिए रक्तदान कर रहे हैं। अरे भई साइंस इमोशन से बढ़कर थोड़े ही है!
लगान -
यह फिल्म 18वीं सदी की कहानी है और उस वक्त एक ओवर
में 8 बॉल हुआ करती थीं। लेकिन फिल्म में एक ओवर में 6 गेंदें
दिखाई गई हैं। शायद 8 गेंद में फिल्म और
भी लंबी हो जाती। है न!
बागबान -
अमिताभ बच्चन और हेमा मालिनी होली के तुरंत
बाद 6 महीनों के लिए अलग हो जाते हैं यानी मार्च से लेकर
सितंबर तक के लिए। लेकिन इन्हीं 6 महीनों में वे वेलेंटाइन-डे
मना लेते हैं, जो कि फरवरी में आता है और करवाचौथ मनाते
हैं, जो अक्सर अक्टूबर में पड़ती है।
क्या करें टाइम कम था इमोशन ज्यादा!
कृष -
फिल्म में ऋतिक दो साल के लिए विदेश जाते हैं, लेकिन
इसी दौरान प्रीति प्रेग्नेंट हो जाती हैं।
इस पर भईया नो कमेंट!
प्यार तो होना ही था -
काजोल पब्लिक टॉयलेट यूज करने के लिए ट्रेन से एक स्टेशन
पर उतरती हैं और उनकी ट्रेन छूट जाती है। बेचारी को शायद
पता नहीं होगा कि ट्रेन के हर कंपार्टमेंट में चार टॉयलेट
होते हैं!

