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Tuesday, 29 September 2020

मेरी पत्नी मेरा गर्व हो तुम

तू दम्भ मेरा, सम्मान मेरा
तू शक्ति तो मै शिव हुआ
बिन तेरे मै शव रह ही जाता ।
हे प्राणप्रिये जीवन साथी
तू कल्याणी ,आधार मेरा
तू श्री है तो मै श्रीपति हुआ
बिन तेरे मै श्रीहीन ही रह जाता।
हे प्राणप्रिये जीवन साथी
तू स्वर है, तू संगीत मेरा। तू ज्ञान है मै ज्ञानी हुआ
बिन तेरे मै अज्ञात ही रह जाता ।
हे प्राणप्रिये जीवन साथी
तू उत्सव है ,उल्लास मेरा
तू सावन तो मै बसंत हुआ
बिन तेरे मै पतझड ही रह जाता ।
हे प्राणप्रिये जीवन साथी
है आज मेरा मन गर्वित तुमसे
तू सम्मान है ,अभिमान मेरा
कहता हूँ आज तुझसे प्रिये
मेरी पत्नी मेरा गर्व हो तुम ।।

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